नई दिल्ली, नवम्बर 11 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण शुरू किये जाने के महीनों बाद अब एक नोटिस जारी कर कहा कि सीधा प्रसारण पीठासीन जज की सहमति के अधीन होगा। हाल ही में जारी नोटिस में बताया गया कि जज सीधे प्रसारण के दौरान की गई रिकॉर्डिंग की प्रतियों तक पहुंच को मंजूरी देने के लिए अधिकृत नामित अधिकारी होता है। बॉम्बे हाईकोर्ट के अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण और रिकॉर्डिंग नियमों के अनुसार, सभी कार्यवाहियों का सीधा प्रसारण केवल जज की सहमति के अधीन ही किया जाएगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने सोशल मीडिया पर प्रसारित छेड़छाड़ किए गए एक वीडियो पर चिंता जताई थी, जिसके बाद यह नोटिस जारी किया गया। छेड़छाड़ किए गए वीडियो में अदालत कक्ष में जूता फेंकने की घटना को गलत तरीके से दिखाया गया था। इस साल जुलाई में न्यायिक ...