बदायूं, अगस्त 31 -- श्रीगणेश सेवा मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्रीगणेश महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर शहर के भोलाधाम में चल रही कथा में व्यास राध्या भारद्वाज ने बताया कि इस विश्व के कल्याण के लिए भगवान गणपति का विवाह ब्रह्माजी की मानस पुत्रियां रिद्धि एवं सिद्धि के साथ हुआ। बताया,जो भी भक्त भगवान गणेश की सच्चे मन से पूजा आराधना करते हैं उसके घर में रिद्धि एवं सिद्धि का वास होता है। भगवान गणपति देवताओं में प्रथम पूज्यनीय हैं इसलिए सभी देवताओं का आशीर्वाद भगवान गणेश के पूजन से प्राप्त होता है। कथा को आगे बढ़ाते हुए व्यास ने बताया कि भगवान गणेश के रिद्धि सिद्धि से दो पुत्र हुए जिनका नाम शुभ एवं लाभ है। इस कारण भगवान गणेश का विवाह जगत के मंगल के लिए हुआ क्योंकि जिस घर में भगवान गणेश की पूजा आराधना होती है उसे घर में कभी भी कोई परेशानी नहीं आती उस...