जमशेदपुर, जनवरी 22 -- जमशेदपुर। सोनारी के प्रीतपाल सिंह पनेसर शहर के सिख समाज और सोनारी के लोगों के लिए परिचय का मोहताज नहीं है। बतौर पहचान सामाजिक कार्यकर्ता की जंतरी (पंचांग) के माध्यम से पंजाबी सिख एवं हिंदू बिरादरी को विरासत से जोड़े हुए हैं। प्रत्येक वर्ष दिसंबर जनवरी माह में सिख एवं पंजाबी हिंदू परिवार के बीच निःशुल्क जंतरी का वितरण करते हैं, जिससे नई पीढ़ी अपनी परंपरा, प्रथा, विरासत से खुद को जोड़ने में गर्व महसूस करे। सिखों का नया साल चैत्र महीने ( 14 या 15 मार्च) को शुरू होता है। वर्तमान में साल की गणना जनवरी से लेकर दिसंबर तक होने का प्रचलन है। इसे ध्यान में रखकर प्रकाशकों द्वारा पंचांग मुद्रित किया जाता है। जिसका पंजाबी रूपांतरण खालसा हीरा जंतरी और हिंदी रूपांतरण जगजीत जंतरी के शीर्षक से विख्यात है। वैसे रूढ़िवादी सिख नानकशाही ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.