हल्द्वानी, जनवरी 31 -- कॉमन इंट्रो::: जबसे हम पैदा हुआ हमने इन जंगलों को ही देखा है जैसे हम अपने घर की देखभाल करते है वैसे ही इन जंगलों की भी हमने हिफाजत की है। जंगलों को आग से भी बचाया है, जंगलों में पौधे भी लगाए है। ये जंगल ही हमारी आन हैं हमार शान हैं। अब सिस्टम ने इन जंगलो से हमें बेदखल कर दिया है। हमारे जो अधिकार थे वो भी हमसे छीन लिए गए है। जो सरपंच की ताकत होती थी वो भी न के बराबर हो गई है। हम लंबे समय से वन पंचायतों के अधिकार ग्राम प्रधानों से हटाकर सरपंचो को दिए जाने की मांग कर रहे है। हम डीएफओ की चौखट में गए, डीएम के दरबार में भी अपील की, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मामले में हस्तक्षेप कर अपने अधिकार मांगे लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। हम बस यही चाहते है कि वन पंचायत से जुड़े जंगलों के अधिकार ग्राम प्रधान से हटाकर...