धनबाद, नवम्बर 6 -- धनबाद, प्रमुख संवाददाता। शहर में बीते दो दिनों से बंदरों का आतंक है। आतंक ऐसा है कि 22 लोगों को काटकर जख्मी कर अस्पताल पहुंचा दिया। बीते चार-पांच वर्षों से धनबाद में जंगली जानवरों का आतंक बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों के लोग हाथियों के डर से सहमे रहते हैं। वहीं कोलियरी इलाकों में जंगलों की कटाई की वजह से सियार निकल कर लोगों पर हमला कर रहे हैं। अब शहर में बंदर का आतंक लोगों को डरा रहा है। इन सब की वजह है पेड़ों की कटाई। धनबाद में बीते पांच वर्षों में सड़क निर्माण के नाम पर 20 हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए। कतरास और झरिया इलाकों में आउटसोर्सिंग कंपनियों को खनन के लिए मिली जमीन से हर साल हजारों पेड़ काटे जाते हैं। जंगलों की लगातार घटती संख्या की वजह से जानवर आबादी के बीच पहुंच रहे हैं। आठ लेन सड़क के किनारे शाम ढलने के बाद अब ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.