रुद्रप्रयाग, नवम्बर 28 -- ग्रामीण क्षेत्रों में एक ओर गुलदार भालू से जान बचाने का खतरा तो दूसरी ओर बंदर, सूअर और लंगूर ने पूरी खेती तबाह कर दी है जिससे यहां के लोगों के मन में यहां से पलायन करने के विचार पैदा होने लगे हैं। सरकार जंगली जानवरों के मामलों में यदि सख्त कार्यवाही नहीं करती है तो ग्रामीण भूखहड़ताल करने को मजबूर होंगे। चोपड़ा क्षेत्र के वयोवृद्ध मोतीराम पुरोहित ने कहा कि गांवों में जानवरों का आतंक जीने नहीं दे रहा है। चोपड़ा, जोंदला, पाली, कुरझण, इन्द्रनगर, क्वीली, कोटि, मदोला आदि गांवों में बीते लम्बे समय से सूअर, बंदर, लंगूर ने खेती बुरी तरह तबाह कर दी है। वहीं गुलदार का निरंतर डर बना है। एक ओर खेतों में जाने से लोग भयभीत हो रहे है वहीं खेतों में लहलहाती फसल बंदर और सूअर तबाह कर रहे हैं। जो भी खेतों में सब्जी, दाल और अन्य फंसल...