कोडरमा, जनवरी 30 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता केंद्र सरकार एक फरवरी को देश का आम बजट पेश करने जा रही है। बजट को लेकर देश के हर वर्ग की तरह शहर के डॉक्टरों में भी खासा उत्साह और उम्मीदें देखी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाती है, तो इसका सीधा लाभ आम जनता के साथ-साथ चिकित्सा सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को भी मिलेगा। शहर के चिकित्सक डॉ प्रवीण कुमार, डॉ नरेश पंडित और डॉ सुजीत राज का मानना है कि वर्तमान समय में छोटे और मध्यम अस्पतालों को कई तरह की प्रशासनिक और कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर 50 बेड से कम वाले निजी अस्पतालों को क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि इस कानून के तहत छोटे अस्पतालों पर वही नियम लागू कर दिए जाते हैं, जो ...