नई दिल्ली, जनवरी 21 -- बचपन में खेलते हुए या उदास चेहरों पर मुस्कान बिखेरने के लिए आपने कई बार एक दूसरे को गुदगुदी की होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं गुदगुदी का संबंध सिर्फ चेहरे की मुस्कान तक ही सीमित नहीं है। यह एक ऐसी रहस्यमयी अनुभूति है जो एक ही पल में व्यक्ति को झटपटाने पर मजबूर कर देती है और अगले ही पल खिलखिलाकर हंसने पर। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई आपकी पसलियों या पैरों के तलवों को छूता है, तो शरीर में अचानक ऐसी हलचल क्यों मच जाती है, कि आप खुद पर कंट्रोल खोकर जोर-जोर से हंसने लगते हैं? आपको बता दें, यह हंसी वैसी नहीं है जैसी हम किसी चुटकुले पर मुस्कुराते हुए महसूस करते हैं, बल्कि यह हमारे मस्तिष्क की रक्षात्मक प्रणाली और तंत्रिकाओं (Nerves) के बीच होने वाला एक जटिल और रोमांचक खेल है। आइए जानते हैं कि गुदगुदी होने पर हमारे ...
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