देहरादून, मार्च 19 -- उत्तराखंड में शिक्षा विभाग ने छुट़टियों को लेकर गाइडलाइन तय कर दी। अब से उपार्जित अवकाश (ईएल), बाल्य देखभाल अवकाश (सीसीएल) और दीर्घ अवकाश के लिए 15 दिन पहले तक निदेशालय में आवेदन करना होगा। यदि कोई शिक्षक, कर्मचारी या अधिकारी बिना अनुमति मिले अवकाश पर जाता है तो उसका वेतन भी रोक दिया जाएगा। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने हिन्दुस्तान को बताया कि छुट्टियों को लेकर सभी सीईओ को दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार अवकाश लेने का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता। किसी भी अवकाश को रद्द करने या अस्वीकार करने का अधिकार अवकाश देने वाले अधिकारी का पास सुरक्षित रखा गया है। डॉ. सती के अनुसार अब से कार्मिकों को अवकाश की अवधि शुरू होने से ...
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