समस्तीपुर, फरवरी 6 -- गांव अब तेजी से शहरीकरण की ओर अग्रसर हैं। लोगों की जीवनशैली में बदलाव आ रहा है। नई पीढ़ी ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक मनोरंजक खेलों से दूर होती जा रही है। बच्चे, किशोर और युवा अब स्वच्छंद वातावरण चाहते हैं। इसके लिए उन्हें ऐसे पार्क और खेल मैदान की आवश्यकता महसूस होती है, जहां वे कुछ घंटे सुकून से बिता सकें। बच्चों के साथ-साथ किशोर, युवा, अधेड़ और बुजुर्ग भी स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए एक सुलभ स्थल की तलाश में हैं, जहां स्वास्थ्य, पर्यावरण, मनोरंजन और खेल के साधन एक ही स्थान पर उपलब्ध हों। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शहरों में पार्कों का निर्माण अब अनिवार्य हो गया है, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस प्रयास करती नजर नहीं आ रही है। पार्क या पिकनिक स्पॉट के अभाव में नववर्ष पर पलायन: 32 वर्ष पुराने पटो...