आरा, नवम्बर 22 -- -दस दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन आरा, निज प्रतिनिधि। इन दिनों आरा का वातावरण बदला-बदला दिखा। अहले सुबह से ही सैकड़ों बच्चे संगीत की धुन पर थिरकते दिख रहे थे। ये बच्चे कल तक कला की विभिन्न विधाओं से अपरिचित थे। अब उन्होंने अपने जीवन में कई रंगों को पहचाना शुरू कर दिया है। ये जीवन जीने की कला सीख रहे हैं। बच्चे विगत 12 नवंबर से बिहार पटना की चर्चित नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा आयोजित 10 दिवसीय नाट्य कार्यशाला में भाग ले रहे हैं। लगभग 35-40 की संख्या में यह बच्चे प्रतिदिन यादव विद्यापीठ मध्य विद्यालय, मौलाबाग पहुंच रहे हैं। इन बच्चों के स्वर एक हो चुके हैं। इनकी बोली एक हो चुकी है। इनका शोर, इनका उल्लास-उमंग सब कुछ एक जैसा दिख रहा है। यह प्रयास संस्था सूत्रधार के जुझारू और वरिष्ठ सदस्य कलाकार का है। लगभग 10 प्रशिक्षक प्र...