मेरठ, जून 25 -- सीसीएसयू कैंपस में राज्य ललित कला अकादमी एवं ललित कला विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जारी वर्कशॉप में मंगलवार को विद्यार्थियों ने थ्रीडी न्यूरल पेंटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रो.ऋषिका पांडे, डॉ.वंदना शर्मा एवं शिप्रा शर्मा ने प्रतिभागियों को थ्रीडी पेंटिंग की बारीकियां बताते हुए इस क्षेत्र में रोजगारी की संभावनाएं बताई। प्रो.ऋषिका पानी के अनुसार थ्रीडी वॉल पेंटिंग एक तकनीक है जो सपाट सतह पर गहराई और आयाम का भ्रम पैदा करती है। विद्यार्थी इस कला को सीखकर अपने रोजगार की शुरुआत कर सकते हैं। युवा कलाकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में थ्रीडी पेंटिंग उपयोगी कला है। कलाकारों ने थ्रीडी में प्राकृतिक दृश्य, गणेश, घोड़ा, मोर, कमल के फूल, सूरज, शंख, बांसुरी, पशु-पक्षी की आकृतियां बनाईं। डॉ.शालिनी धामा, डॉ.पूर्णिमा वशिष्ठ, दीपा...
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