नई दिल्ली, जनवरी 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को देशभर के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया कि वे किसी भी छात्र की आत्महत्या या अस्वभाविक मृत्यु की घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को तुरंत सूचित करें। शीर्ष कोर्ट ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान यह सुनिश्चित करने के अपने मूलभूत कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकते कि उनके संस्थान समग्र रूप से सुरक्षित, न्यायसंगत, समावेशी और सीखने के अनुकूल वातावरण हों। न्यायमूर्ति जे. बी. परदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने उच्च शिक्षा संस्थानों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से संबंधित अन्य सभी नियामक निकायों को छात्रों की आत्महत्याओं या अस्वाभाविक मौतों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि सभी उच्च शिक्षा संस...