मुजफ्फरपुर, फरवरी 9 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। पिछले छह साल में कितने शिक्षकों का ईपीएफ 1800 रुपये कटा है, इसको लेकर सभी जिलों से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। वर्ष 2020 से अब तक कितने नियोजित शिक्षकों, पुस्तकालाध्यक्षों की ईपीएफ की राशि कटी, इसकी जांच विभागीय स्तर पर शुरू की गई है। 1800 रुपये के साथ सरकारी अंशदान कितना खाते में गया, इसका भी रिकार्ड मांगा गया है। सभी जिलों के अधिकारियों से इस पर 24 घंटे में शपथ पत्र देने को कहा गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने इसको लेकर सभी जिलों के डीईओ को निर्देश दिया है। विधान मंडल के चालू सत्र में उठाया गया मुद्दा : निदेशक ने कहा है कि बिहार विधान मंडल के चालू सत्र में इससे संबंधी विभिन्न प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इससे विभाग को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सभ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.