नई दिल्ली, फरवरी 18 -- छत्तीसगढ़ में ईसाई आदिवासियों के शवों को कब्रों से जबरन निकालने और उन्हें गांव के बाहर दफनाने के आरोपों पर सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, शीर्ष अदालत ने अगले आदेश तक किसी भी शव को कब्र से निकालने पर तत्काल प्रभाव से रोक भी लगा दी है। इस बारे में दायर याचिका में इस तरह शव दफनाने से रोकने को संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) का उल्लंघन बताया गया है।कहीं और दफनाने के लिए मजबूर किया जा रहा जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ CAJE (छत्तीसगढ़ एसोसिएशन फॉर जस्टिस एंड इक्वालिटी) व अन्य लोगों की तरफ से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न गांवों में ईसाई आदिवासियों...
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