हल्द्वानी, अप्रैल 4 -- हल्द्वानी। चैती छठ महापर्व के आखिरी दिन शुक्रवार को सूर्योदय के दौरान अर्घ्य देते समय मंत्र का जाप कर किया गया। महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान मंगलवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हुआ था। पहले दिन व्रतियों ने यहां गंगा स्नान के साथ सूर्यदेव को जल से अर्घ्य दिया। इसके बाद पूरी पवित्रता के साथ अरवा चावल, चना दाल, कद्दू की सब्जी और आंवले की चटनी आदि का भोग लगाकर प्रसाद तैयार किया। बुधवार को खरना पूजन के दिन व्रतियों ने पूरे दिन उपवास कर शाम में भगवान का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हुआ। गुरुवार को व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं ने गीत गाकर छठ माता को भोग लगाए। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष कृष्णा साह, उपाध्यक्ष शंकर भगत, कोषाध्यक्ष बीरू पंडित, सह कोषाध्यक्ष ओमप्रक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.