बागपत, अक्टूबर 29 -- आस्था के महापर्व छठ के अंतिम दिन व्रतियों ने उदयगामी सूर्य को अघ्र्य दिया। शुगर मिल और यमुना घाट पर व्रतियों सुबह के समय व्रतियों ने अघ्र्य देने के बाद निर्जला व्रत खोला। सोमवार की शाम व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अघ्र्य दिया था। मंगलवार की सुबह श्रद्धालु छठ मईया के गीत गाते हुए घाट पर पहुंचे। अघ्र्य देने के बाद व्रतियों ने घरों में छठ मईया की पूजा-अर्चना की। छठ पर्व 25 अक्तूबर से शुरू होकर चार दिन तक चला। नहाय-खाय के साथ आस्था का यह महापर्व शुरू हो जाता है। चार दिनों तक घरों में श्रद्धालुओं द्वारा छठ मईया की पूजा अर्चना की जाती है। इस बार भी गत 25 अक्तूबर को छठ पर्व शुरू हुआ था। खरना के बाद सोमवार की शाम श्रद्धालु यमुना नदी के घाट पर पहुंचे थे। इसके बाद व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अघ्र्य अर्पित किए...
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