अमरोहा, नवम्बर 14 -- अमरोहा, संवाददाता। मोहल्ले के लोगों की मानें तो सायरा जब तक जिंदा रही उसने जारा को अपनी सगी बेटी की तरह समझकर पाला लेकिन पांच महीने पहले सायरा की अचानक मौत के बाद से घर में जारा की बेकद्री होने लगी। वहीं, मेहनत मजदूरी करने वाले मोहम्मद इस्लाम के सामने उसकी परवरिश एक चुनौती बन गई। इसकी वजह परिवार का बिखराव रहा क्योंकि घर में उसके सिवा जारा की देखभाल करने वाला कोई दूसरा नहीं था। मां अनीजा की मृत्यु पहले हो चुकी है जबकि चारों भाई इकबाल, नईम, इकराम और मोबिन अपने-अपने परिवारों के साथ अलग-अलग घरों में रहते हैं। वहीं, उसकी बहन जेबुन्निसा और खैरुननिसा की भी शादी हो चुकी है। इन हालात के बीच मोहम्मद इस्लाम के सामने जल्द से जल्द दूसरे निकाह से अलग कोई दूसरा रास्ता बचा नहीं था। लिहाजा, एक रिश्तेदार ने उसे संभल के सरायतरीन की रहने...