मथुरा, फरवरी 6 -- चेहरा प्रमाणीकरण (एफआरएस ) के बाद ही लाभार्थी को कार्यकर्ता पोषाहार का वितरण करने से आंगनबाड़ी कार्यकत्री कतरा रही हैं। जिसका खामियाजा कुपोषण मुक्ति अभियान को उठाना पड़ रहा है। जिससे शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। अभी तक जनपद में सिर्फ 97 हजार लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण हो सका है। 48 हजार लाभार्थी ऐसे रह गये जिनको पोषाहार नहीं मिला। जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा ने गंभीर रुख अपनाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चेतावनी दी है कि जो कार्यकत्रियां चेहरा प्रमाणीकरण के पोषाहार वितरण नहीं करेंगी, उनके मानदेय से प्रति माह 500 रुपये की कटौती की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि शासन का निर्देश हैं कि पोषाहार का शत प्रतिशत चेहरा प्रमाणीकरण (एफआरएस) के माध्यम से करने के निर्देश है। जनपद में 70 प्रतिशत...