फतेहपुर, जुलाई 30 -- फतेहपुर। बीते दिनों यमुना का जलस्तर नीचे पहुंचने के बाद जहां तिरहार के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, वहीं एकाएक यमुना के जलस्तर में फिर से तेजी से इजाफा हो जाने के बाद तटवर्ती गांव के ग्रामीण फिर से दहशत में आने लगे हैं। यमुना के पानी में बढोत्तरी होने से तराई वाले इलाकों की फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। जिससे किसानों को नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गत दिनों यमुना के पानी में इजाफा होने के बाद इसका जलस्तर सामान्य हो चुका था। लेकिन एकाएक बीते चौबीस घंटो में जलस्तर में करीब चार सेंमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढने के चलते मंगलवार को इस नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज दो मीटर ही नीचे रह गया है। एकाएक बढ़ते जलस्तर को देखकर तराई वाले किसानों ने अपनी झोपड़ियों को उजाड़ना शुरू कर दिया है, किसानों का कहना है कि ...
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