छपरा, जनवरी 3 -- बनियापुर, एक प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र के चेतन छपरा मोड़ पर चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह्नपाठ यज्ञ के सातवें दिन प्रवचन करते प्रयागराज से पधारे संत श्रीअंजनीशरण सावर्णीजी महाराज ने कहा कि राम ने एक राजा के रूप में साबित किया कि शासक या राजा को हमेशा संदेहरहित रहना चाहिए। चाहे उसके निजी हित कितने ही प्रभावित क्यों न होते हों।एक शासक के लिए निजी हित इतने महत्वपूर्ण नहीं होते, जितना कि जनभावनाओं का मान रखना होता है।इसका सबसे महान उदाहरण सीता के परित्याग की घटना है, जिसमें उन्होंने अपने निजी हित को छोड़ते हुए लोक मर्यादा की रक्षा की। वाल्मीकि रामायण के अनुसार एक दिन राम को एक धोबी परिवार की निजी और नितांत बातचीत की सूचना अपने राजमहल में मिलती है। इसमें एक धोबी अपनी पत्नी से कहा रहा था कि मैं कोई राम नहीं जो तुम्हें रख लूं। उनक...
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