नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- हिमाचल प्रदेश में चेक बाउंस मामले में तीन अदालतों द्वारा दोषी ठहराई गई निम्न आय वर्ग से संबंध रखने वाली एक बीमार महिला को आखिरकार राहत मिल गई। विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने के लिए निशुल्क कानूनी सहायता के लिए उसका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। राज्य में मंडी जिले के सुंदर नगर निवासी सिद्धू राम की बेटी कुसुम शर्मा को चेक बाउंस मामले में सुंदरनगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी ठहराते हुए नौ महीने की सजा और 2,25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। कुसुम की यह दलील कि कमला देवी नामक एक महिला ने उनके घर से एक खाली चेक लेकर उसका दुरुपयोग करते हुए झूठा मामला दर्ज कराया, स्वीकार नहीं की गई। इस आदेश के खिलाफ कुसुम की अपील सुंदरनगर के अतिरिक्त सेशन जज ने भी खारिज कर दी। इसके बाद कुसुम ने हाईकोर्ट क...