उरई, दिसम्बर 24 -- उरई। थाना रेंढ़र के ग्राम कुठौंद निवासी राजेंद्र कुमार द्विवेदी ने पवन कुमार द्विवेदी निवासी ग्राम सिकरी राजा को 25 अक्टूबर 2012 को मटर फली की बिक्री की थी। जिसके एवज में उसे भारतीय स्टेट बैंक शाखा जालौन की दो लाख रुपये की चेक दी थी। इसके बाद 28 जनवरी 2013 को खाते में रुपये न होने पर चेक बाउंस हो गई। पवन कुमार के कहने पर उसने दोबारा इलाहाबाद बैंक शाखा बंगरा में 4 फरवरी 2013 को चेक लगाई तो वहां से भी चेक वापस कर दी गई। बार-बार रुपये न देने पर राजेंद्र कुमार ने इसका मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमा का ट्रायल न्यायिक मजिस्ट्रेट कालपी में चल रहा था। 12 साल तक चली मुकदमा की सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई। साक्ष्यों के आधार पर सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक चौधरी ने पीड़ित को 3 लाख 50 हजार रुपये बतौर क्षति के रूप में देने का आदेश ...