औरंगाबाद, नवम्बर 21 -- एनआई एक्ट में औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शुभांकर शुक्ला ने परिवाद संख्या -551/16 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एक मात्र अभियुक्त को सजा सुनाई गई। कुटुंबा के रविरंजन सिंह को भादंवि धारा-420 और 138 एनआई एक्ट में दोषी करार देते हुए एक साल की सजा और 20 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि कुटुंबा के सिंघना के मदन कुमार सिंह ने परिवाद में कहा है कि अभियुक्त ने बहन की शादी के नाम पर 24 नवंबर 2014 से विभिन्न तिथियों पर 10 लाख रुपए लिए थे जिसका वर्णन नन ज्यूडिशियल स्टाम्प पर है। 25 दिसंबर 2015 को पैसा वापस करने का वादा किया गया था। पैसा नहीं मिलने पर बकाया मांगा तो अभियुक्त ने 15 जून 2016 को चार लाख 40 हजार और 20 जून 2016 को पांच लाख रुपए का चेक दिया। उक्त चेक...