आगरा, मई 29 -- चेक डिसऑनर के मामले में आरोपित बबलू चौहान निवासी उस्मानपुर खंदौली को अदालत ने दोषी पाया है। विशेष न्यायालय एनआई एक्ट के पीठासीन अधिकारी सतेंद्र सिंह वीरवान ने उसे छह माह के कारावास और 4.80 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने बतौर प्रतिकर 4.50 लाख रुपये वादी को दिलाने और 30 हजार राज्य सरकार के कोष में जमा कराने के आदेश दिए। शांतिव्रत एंड संस प्राइवेट लि. कोल्ड स्टोरेज फाउंड्री नगर के संचालक मयंक अग्रवाल ने अदालत में मुकदमा दायर किया था। बताया था कि आरोपित की वादी के कोल्ड स्टोर से आलू की खरीद फरोख्त करने के कारण दोनों में अच्छे संबंध थे। आरोपित ने व्यावसायिक आवश्यकता बता वादी से 15.40 लाख रुपये उधार लिए थे। लंबे समय बाद तगादे पर अक्तूबर 2013 को आरोपित ने तीन लाख रुपये का चेक दिया जो बैंक में डिसऑनर हो गया। वादी की ओर स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.