बुलंदशहर, जनवरी 14 -- सिकंदराबाद। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने महाविद्यालयों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि चुनौती मूल्यांकन के उपरांत परीक्षार्थियों के किसी भी प्रकार के मूल्यांकन संबंधी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रायः यह देखने में आता है कि चुनौती मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कई छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं होते हैं और पुनः मूल्यांकन कराए जाने अथवा चुनौती मूल्यांकन में जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति की मांग करते हैं। इस संबंध में परीक्षा समिति की 6 जनवरी 2026 को आहूत बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि चुनौती मूल्यांकन की प्रक्रिया स्वयं में अंतिम है। इसमें उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन दो स्वतंत्र परीक्षकों द्वार...