भभुआ, अक्टूबर 14 -- (1 मिनट) भभुआ। चुनाव महंगे होते जा रहे हैं। इसका कारण महंगाई और संसाधन है। पहले के चुनाव में उम्मीदवार बैलगाड़ी, घोड़ागाड़ी, पैदल गांवों में जाकर प्रचार करते और वोट देने के लिए मतदाताओं का मनुहार करते थे। पहले प्रचार सामग्री का उपयोग भी कम होता था। लेकिन, अब वाहन, सार्वजनिक सभा, रैली, पोस्टर, बैनर, वाहन, विज्ञापन, अन्य प्रचार सामग्री, कार्यकर्ताओं के लिए नाश्ता, भोजन, आवासन के प्रबंध, टेक्निकल हैंडस आदि पर खर्च हो रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी को 40 लाख रुपया खर्च करने की सीमा तय की है। विभिन्न मद में खर्च होनेवाली राशि के लिए दर भी निर्धारित की गई है। प्रत्याशी खर्च ज्यादा करते हैं, लेकिन जब खर्च का हिसाब देना होता है, तब निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित राशि और दर के अनुसार ही देते हैं। च...
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