नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने मंगलवार को लोकसभा में दावा किया कि निर्वाचन आयोग के पास विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का कोई कानूनी आधार नहीं है और इस प्रक्रिया को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने सदन में चुनाव सुधारों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि 2023 के निर्वाचन कानून में बदलाव कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की चयन समिति में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और प्रधान न्यायाधीश को शामिल किया जाए, फिर से मतपत्रों से चुनाव कराए जाएं तथा चुनावों से पहले लोगों के खातों में नकदी भेजने के चलन पर अंकुश लगाया जाए।मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन में शामिल हों CJI और राज्यसभा में विपक्ष का नेता चंडीगढ़ से लोकसभा सदस्य ने कहा, ''यह दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि बहुत सारे लोगों को निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता...