जमुई, फरवरी 9 -- जमुई/बरहट, निज संवाददाता। प्रखंड के अति पिछडा क्षेत्र चोरमारा-गुरमाहा गांव में वर्षों बाद लोकतंत्र की गूंज के बीच विकास की बहुत सी बातें की गई किन्तु चुनाव के बाद सारी बातें हवा हवाई साबित हो रही है। विकास की रौशनी आज भी गांव की दहलीज तक नहीं पहुंच सकी है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिस तरह बिजली पहुंचाने का शोर मचाया गया उससे ग्रामीणों को लगा कि अब उनके जीवन में भी बदलाव आएगा। आनन-फानन में गांव में बिजली के पोल खड़े कर दिए गए। लेकिन जैसे ही मतदान संपन्न हुआ, पूरी योजना पर मानो ब्रेक लग गया। चुनाव खत्म होते ही बिजली विभाग की स्त्रिरयता भी ठंडी पड़ गई। इसका नतीजा यह हुआ कि पूरा गांव आज भी अंधेरे में जीने को मजबूर है। इसी कारण अब ग्रामीणों में भी आक्रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय ग्रामीणों को रिझाने के लिए ग...