प्रयागराज, जनवरी 9 -- रेलवे बोर्ड ने चीफ लोको इंस्पेक्टर्स (सीएलआई) के वेतन निर्धारण में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि पिछले 10 वर्षों यानी 2016 से 2026 तक सीएलआई को दिए गए 'पे स्टेपिंग अप' (वेतन समानता) के सभी मामलों की दोबारा गहन समीक्षा की जाए। रेलवे बोर्ड को शिकायतें मिली थीं कि कई जोन में नियमों की अनदेखी कर अपात्र कर्मचारियों को भी यह लाभ दे दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि 2009 और 2019 के बोर्ड आदेशों में निर्धारित शर्तें पूरी न होने के बावजूद फाइलों को मंजूरी दी गई, जिससे रेलवे पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिन अधिकारियों और लिपिकों ने नियमों के ...