नई दिल्ली, जनवरी 27 -- भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के साथ कम-ऊंचाई वाले वायु क्षेत्र की निगरानी करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। सेना 35 किलोमीटर की भूमि दूरी और 3 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाली सभी वस्तुओं, खासकर दुश्मन ड्रोनों की निगरानी करने की क्षमता विकसित कर रही है। यह पहल मुख्य रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुई, जिसमें पाकिस्तान ने तुर्की और चीनी सशस्त्र ड्रोनों का इस्तेमाल कर भारतीय सेना और वायुसेना के ठिकानों पर हमले किए थे। सीमाओं पर एयर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जो न केवल ड्रोन गतिविधियों की निगरानी करेंगे, बल्कि दुश्मन ड्रोनों को लॉन्च और न्यूट्रलाइज करने में भी सक्षम होंगे। वर्तमान में सेना 97% ड्रोन और एंटी-ड्रोन गतिविधियों को इसी 35x3 किमी दायरे में संभाल रही है। इस प्लान के तह...