अमरोहा, जून 17 -- पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चारों महिलाओं के शव चीथड़ों में बंट गए। किसी का हाथ शरीर से अलग हुआ तो किसी का पैर। इंतहा यह रही कि मृतकों के चेहरे पहचानना भी खुद उनके परिजनों के लिए मुश्किल रहा। कपड़ों संग शरीर की निशानियों से मृतक महिलाओं की पहचान मुमकिन हो सकी। शवों की यह हालत देख हर किसी का कलेजा बाहर निकल आया तो वहीं बिलखते परिजनों की हालत ने पूरा माहौल मातमी कर दिया। सोमवार दोपहर पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका मामूली नहीं था। बारुद के ढ़ेर से निकली चिंगारियों ने वहां काम कर रही महिलाओं के शरीर की हालत बुरी कर दी। शरीर से खाल पूरी तरह उधड़ गई जबकि बारुद की कालिख ने चेहरे की पहचान भी मिटा दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मलबे के बीच से क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला तो हाल...
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