चित्रकूट, नवम्बर 25 -- किसानों को पलेवा के लिए जरुरत के समय पानी नहीं मिल रहा है। अभी तक पंप केनाल चालू नहीं की गई है। जिससे किसानों को गेहूं की बुवाई बिलंब होने की चिंता सताने लगी है। क्षेत्र में गेहूं की बुवाई का हर साल 15 नवंबर से शुरू हो जाती है। इस वर्ष नहरें बंद से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नवंबर माह का अंतिम पखवारा चल रहा है। अभी तक चिल्लीराकस पंप कैनाल चालू नहीं हो सकी है। चिल्ली राकस के पास यमुना नदी से संचालित पंप केनाल से करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों में सिंचाई होती है। इस पंप केनाल से चिल्ली राकस के अलावा बेराउर, उद्घटा, रायपुर, खटवारा, मलवारा, नांदिन कुर्मियान आदि गांव जुड़े है। प्रशासनिक तौर पर 30 नवंबर तक नहरों की सिल्ट सफाई के बाद ही पानी छोंडा जाना है। मौजूदा समय पर किसानों ने धान की फसल काट ली है। जिसस...