खगडि़या, अप्रैल 9 -- महेशखूंट। एक प्रतिनिधि गर्मी की तपिश शुरू हो गई है। बदलते मौसम के मिजाज व लगातार चढ़ते पारे से तालाब सूखने लगे हैं। ऐसे में पशु पक्षियों और बेजुबानों के सामने विकराल समस्या खड़ी हो रही है। चिलचिलाती धूप में प्यास बुझाने के लिए जंगली जानवर भटक रहे हैं। सूखती हलक क़ो तर करने के लिए आबादी की तरफ बेज़ुबानो क़ो देखा जा रहा हैं। वहीं जिम्मेदार अभी तक सूखे तालाबों में पानी भरवाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।जल संरक्षण के तहत ब्लॉक के सभी गांवों में तालाब बनवाया गया है। पिछले सितंबर माह में हुई जोरदार बारिश में सभी तालाब लबालब थे। लेकिन गर्मी की तपिश के साथ चढ़ते पारे से तालाब सूखते जा रहे हैं। पशु पक्षी और अन्य जीव जंतुओं के सामने अब पानी का संकट शुरू हो गया है। आबादी से दूर खोदे गए अधिकांश तालाब पूरी तरह से सूख चुके...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.