कानपुर, नवम्बर 18 -- कानपुर। चिन्मय मिशन ने मंगलवार को मर्चेंट चैम्बर हॉल में आयोजित गीता उत्सव में स्वामी अद्वैतानंद जी ने कहा कि सनातन धर्म में मूल चार वेद हैं व अनेक धर्मग्रंथ हैं, जिनकी गणना नहीं की जा सकती। भगवत गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भगवान का गाया हुआ गीत है। यह दुख से निवृत्त होने की कला बताता है। यह आनन्द देने वाला ग्रंथ है। स्वामी चिन्मयानंद जी ने कहा था कि गीता जी हमें मनुष्य बनना बताती हैं। स्वामी विवेकानंद ने गीता के बारे में अच्छे विचारों वाला एक ग्रंथ कहा। लोकमान्य तिलक जी ने इसे कर्म करने की कला को सिखाने वाला ग्रंथ कहा। रामानुजाचार्य जी ने इसे भक्ति को बताने वाला ग्रंथ कहा। गीता जी मां के रूप जो साधक को जन्म देती है। यहां स्वामी राघवानंद, मयंक खन्ना, बलराम नरूला, मनोज अग्रवाल, नरेन्द्र पाल और विनय सानन...
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