बरेली, दिसम्बर 15 -- एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार को नाटक मेरा राजहंस का मंचन किया गया। यह नाटक इतिहासकार और लेखक सुधीर विद्यार्थी के जीवन की सत्य घटना पर आधारित है। साथ ही नाटक चिकित्सा व्यवस्था का गहरा तंज कसता है। नाटक में मुख्य पात्र सुधीर है जो कि अपने मृत पुत्र की यादों में विलीन रहता है। पुत्र चंदन जिसकी मृत्यु अल्पायु में एक सड़क दुर्घटना में हुई है। पिता सुधीर पुत्र वियोग में अकेला पड़ गया है। चंदन को जन्म से ही बहुत सी बीमारी रही, लेकिन वह हंसते-हंसते बीमारियों से लड़ता गया। चिकित्सा व्यवस्था पर तंज कसती ये कहानी, अंतत: एक पीड़ा को दर्शाती है, पिता की पुत्र के लिए पीड़ा। यहां एसआरएमएस ट्रस्ट के सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
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