गुड़गांव, जनवरी 2 -- गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। साइबर सिटी गुरुग्राम की चमक-धमक के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है। यहां की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) द्वारा जारी साल भर के आंकड़ों ने बेहद डरावनी तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के 365 दिनों में से गुरुग्राम के निवासियों को केवल 80 दिन ही ऐसी हवा मिली, जिसे साफ श्रेणी में रखा जा सके। बाकी के पूरे साल लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर रहे। प्रदूषण के मामले में चौथे नंबर पर गुरुग्राम सीआरईए के डेटा विश्लेषण से पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में गुरुग्राम चौथे स्थान पर रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं, वाहनों का भारी दबाव और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल ने शहर के पर्यावरण को...