पटना, फरवरी 22 -- बिहार सरकार ने जाली और कूटरचित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करने के मामले में सुपौल सदर के पूर्व अंचलाधिकारी प्रिंस राज को सेवा से विमुक्त (बर्खास्त) कर दिया है। शुक्रवार को राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है। सरकारी सेवा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, कूटरचना या फर्जी प्रमाण पत्र के लिए शून्य सहनशीलता अपनाई जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा, जो भी व्यक्ति धोखाधड़ी कर सेवा में आया है, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि गलत लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो खुद जाली करके नौकरी लेंगे वे कभी जनता को इम...