बोकारो, फरवरी 13 -- चार श्रम संहिताओं के विरोध में बीमा कर्मचारी संघ की ओर से एलआईसी नं. 1 कर्मचारियों ने गुरूवार को विरोध प्रदर्शन किया। सचिव सुशील कुमार सिंह ने कहा चार लेबर कोड मोदी सरकार लागु कर चुकी है। इसे पुराने 44 कानूनों को हटाकर बनाया गया है। ये अम कानून भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में श्रमिकों के संघर्ष का फल था। पूरी तरह कभी भी लागु न होने के बावजूद एक संवैधानिक सहारा था। लेकिन एनडीए सरकार 21 नवम्बर 2025 को 4 लेबर कोड लागू कर मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा हमला बोला है। देशी-विदेशी पूंजीपतियों की मांगों के अनुरूप तैयार किए गए लेबर कोड घोर मजदूर विरोधी है। अध्यक्ष राज कुमार ने कहा चार लेबर कोड का मतलब है यूनियन पर रोक,हड़ताल पर रोक, मालिकों को छूट, पक्की नौकरी खत्म, हायर व फायर चालू (जब चाहा रख लिया, जब चाहा काम से निकाल दिया का कानून) ...