रामगढ़, नवम्बर 25 -- केदला, निज प्रतिनिधि। चार श्रम कोड के विरोध में मंगलवार को झारखंड उत्खनन परियोजना में पिट मीटिंग हुआ। जिसकी अध्यक्षता बद्री सिंह ने की। मजदूर नेता बलभद्र दास ने कहा कि वर्ष 2020 में चार कोड पारित किए गया था। भारी विरोध के बावजूद चारों श्रम कोड अब पूरी तरह लागू हो चुका है। जिसे मजदूर वर्ग काला कानून मानता है। यह कानून मेहनतकश मजदूरों के साथ धोखा है। केंद्र सरकार भारी विरोध के बाद भी इसे लागू करने पर तुली हुई है। यह श्रम कोड पुराने नौ कानूनों की जहग लेगा। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार अपने पूंजीपति साथियों के मुनाफे की भूख को पूरा करने के लिए इस हद तक समर्पित है कि वह मजदूर वर्ग पर लगातार हमले कर रही है। 21 नवंबर 2025 से नोटिफिकेशन लागू कर दिया गया है। इसका संयुक्त रूप से प्रतिरोध किया जा रहा है। मौके पर मजदूरों ने केंद्र...