मुजफ्फरपुर, सितम्बर 6 -- मुजफ्फरपुर। कृषि प्रधान जिला मुजफ्फरपुर में कृषि से जुड़े खाद-बीज दुकानदार आधे पेट गुजारा करने को विवश हैं। 40 साल पुराने नियम के आधार पर कारोबार कर रहे हैं। दिनोंदिन बढ़ती महंगाई के कारण भाड़ा, लोडिंग-अनलोडिंग चार्ज में तो बेतहाशा वृद्धि हुई, लेकिन चार दशक से महज दो प्रतिशत मार्जिन मनी मिल रही है। जिले के खाद-बीज विक्रेताओं का कहना है कि कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल है। कम से कम आठ प्रतिशत मार्जिन मनी मिले तो महंगाई के दौर में आर्थिक संकट से उबर सकेंगे। कहा कि पॉश मशीन से बिक्री के बावजूद कई प्रकार के रजिस्टर और बिल संधारण जैसे काम करने पड़ रहे हैं, जबकि जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को अब इनमें छूट दे दी गई है। इनका कहना है कि अमानक खाद मामले में विक्रेता कार्रवाई की जद में आ रहे हैं, जबकि इसमें उनका कोई दोष हो...
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