हरिद्वार, अगस्त 27 -- चारधाम यात्रा में पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर ट्रैवल्स कारोबारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि पंजीकरण प्रणाली लागू होने के बाद से यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिसका सीधा प्रभाव ट्रैवल्स कारोबार पर पड़ा है। कारोबारियों का आरोप है कि सरकार की हठधर्मी नीतियों के कारण उनका व्यवसाय चौपट हो गया है। वाहन मालिकों ने बताया कि अब बैंक की किस्तें, रोड टैक्स और बीमा जमा करना तक मुश्किल हो गया है, जिससे परिवार का भरण-पोषण भी संकट में आ गया है। ट्रैवल्स उद्योग से जुड़े संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने व्यावसायिक वाहनों के रोड टैक्स में हर वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है, जो उनके अनुसार पूरी तरह अनुचित है। उनका कहना है कि सरकारी नीतियों के चलते उत्तराखंड का पर्यटन...