बांका, जनवरी 22 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। शहर के ओढ़नी नदी के किनारे स्थित सुप्रसिद्ध तारा मंदिर आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। वर्ष 1987 में शहर के ओढ़नी नदी के तट पर स्थापित मां तारा मंदिर लगभग चार दशक बीत जाने के बावजूद भी आज तक मंदिर की चारदीवारी का निर्माण के लिये तरस गई है। जबकि चारदीवारी के अभाव में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से खतरे में है, जिससे श्रद्धालुओं और मंदिर समिति दोनों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। साथ ही तारा मंदिर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेषकर सुबह-शाम मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसके अलावा विवाह के सीजन में यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना...