मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 13 -- स्थान : कंपनीबाग चुनावी समर में चाय की चुस्कियां भी चर्चा का केंद्र बिंदु बन गई हैं। चाय की दुकानों पर चर्चाओं के दौर में सुबह से शाम तक न जाने कितनी बार दल विशेष की सरकारे बनती-बिगड़ती हैं। नौबत कभी-कभी भिड़ंत की भी आ जाती है। क्या शहर क्या गांव हर गांव गली चर्चा में शुमार हैं। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन से लेकर स्थानीय मुद्दों में रोड-नालों की बात हो रही है। यह भी कह रहे हैं कि चुनाव जाति-धर्म के नाम पर नहीं, काम के आधार पर होना चाहिए। शहर के कंपनीबाग में चाय की चुस्कियों के बीच चर्चा, मंथन और भविष्य की रीति-नीति निर्धारण पर बहस-मुबाहिसे में युवा से लेकर हर उम्रवय के लोग शामिल हैं। रोजी-रोजगार का अभाव युवाओं को बड़ा खटकता है। पढ़े-लिखे युवाओं के समक्ष पलायन की विवशता हैं। चाय की इस दुकान पर पर ...
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