घाटशिला, जनवरी 14 -- चाकुलिया: भारतीय संस्कृति में गौ माता को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है। आयुर्वेद में गाय से प्राप्त पंचगव्य दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर-का विशेष महत्व है। इसी परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए चाकुलिया नया बाजार स्थित कोलकाता पिंजरापोल सोसायटी गौशाला में इन दिनों होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर हैं। वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए गौशाला प्रबंधन ने गोबर के उपलों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। गौशाला में इन दिनों गोबर से उपलों का निर्माण कार्य चल रहा है। गौशाला कर्मी सागर धल की देखरेख में लगभग 10 मजदूर दिन-रात देसी गाय के गोबर से उपले और अन्य पारंपरिक आकृतियां बनाने में जुटे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य होलिका दहन के दौरान लकड़ी के स्थान पर गोबर के उपलों के उपयोग को बढ़ावा दे...