घाटशिला, नवम्बर 26 -- चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड के बर्डीकानपुर- कालापाथर के गांवों में बाबई घास ग्रामीणों के रोजगार साधन बनी है। ग्रामीण इस घास से रस्सी बनाते हैं और पश्चिम बंगाल के हाट और बाजार में बेचकर आय प्राप्त करते हैं। इस क्षेत्र के पहाड़ और पहाड़ियों पर बाबई घास पाई जाती है। ग्रामीण अपने खेतों में भी बाबई घास की खेती करते हैं। ग्रामीणों ने रस्सी बनाने के लिए बाबई घास के कटाई कर ली है और रस्सी बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।इस पंचायत के मधुपुर, भालुकनाला, जोभी, जामीरा में इन दिनों पुरुष और महिलाएं बाबई घास से रस्सी बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। रस्सी को किसी वृक्ष की डाली पर काफी देर तक रगड़ती हैं। इसके बाद रस्सी तैयार हो जाती है। रस्सी का बंडल बनाकर पश्चिम बंगाल के हाट और बाजार में बेचते हैं। महिलाओं के मुताबिक यह रस्सी प्र...
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