नोएडा, नवम्बर 1 -- नोएडा, प्रमुख संवाददाता। बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान (चाइल्ड पीजीआई) के डॉक्टरों ने जन्मजात बीमारी से पीड़ित दो किलो से कम वजनी बच्चे का इलाज कर नई जिंदगी दी। नवजात पोस्टेरियर यूरेथ्रल वाल्व बीमारी से पीड़ित था। बच्चे की मूत्रनली के निचले भाग में अवरोध था, जिससे वह सह प्रकार से मूत्र नहीं कर पा रहा था। मरीज को गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। प्री मेच्योर नवजात का वजजन एक किलो 900 ग्राम है। उसे अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में गंभीर हालत में अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था। जांच के बाद पता चला कि शिशु पोस्टेरियर यूरेथ्रल वाल्व नामक जन्मजात रोग से पीड़ित है। इस स्थिति के कारण बच्चे की दोनों किडनी ने काम करना लगभग बंद कर दिया था। नवजात को मेटाबोलिक एसिडोसिस, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी...
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