नई दिल्ली, मई 27 -- बच्चे की देखरेख के लिए अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) नहीं दिए जाने पर झारखंड की एक महिला जज ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। महिला जज ने कहा कि वह एकल अभिभावक हैं और बच्चे की देखरेख के लिए उन्हें अवकाश की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष महिला जज की ओर से अवकाश की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर तत्काल सुनवाई का आग्रह किया गया। इस दौरान कुछ सवाल जवाब के बाद, शीर्ष अदालत ने महिला न्यायिक अधिकारी की याचिका पर 29 मई को सुनवाई करने की सहमति जताई। इससे पहले, मुख्य न्यायाधीश गवई ने महिला न्यायिक अधिकारी की ओर से पेश अधिवक्ता से जानना चाहा कि उन्हें अवकाश क्यों नहीं दिया गया। इस पर अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि अवकाश की मांग खारिज किए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया। अधिवक्ता ने पीठ से...
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