बोकारो, फरवरी 19 -- रमजान का पहला रोजा गुरूवार से शुरु हो जाएगा। शहर के मस्जिदों में बुधवार को मगरिब की नमाज के वक्त हाफिजों ने आसमान में काफी देर तक चांद को देखा। चांद दिखाई देने के साथ ही गुरूवार से एक माह के रोजे व इबादतों का दौर शुरू हो गया। इस्लाम के पांच अनिवार्य नियमों में से एक रोजा मुस्लिम के लिए अनिवार्य है। मौसम कैसा भी हो इस माह में रोजा रखना, नमाज अदा करना व पवित्र कुरान को तराबीह की नमाज में सुनना मुस्लिमों के लिए अहम है। मुस्लिम समाज की मान्यता है कि इस माह नेकी का कई गुना सवाब मिलता है। इबादत से राजी होकर खुदा बेपनाह रहमतें बरसाता है। कारी रिजवानुल होदा ने बताया कि रमजानुल मुबारक का पवित्र माह को तीन आश्रय यानी हिस्सों में विवरण किया गया है। पहला 10 रोजा रहमत का दूसरा 10 रोजा बरकत व अंतिम 10 रोजा मगफिरत का होता है। इस महीन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.