नई दिल्ली, फरवरी 19 -- दुनियाभर में अनिश्चितता को मापने वाला सूचकांक फरवरी 2026 में 106,862 अंक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है। तीन दशक में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचे सूचकांक के आंकड़ों में न केवल तेज उछाल है, बल्कि यह 2001 के वर्ड ट्रेड टावर हमले, 2003 के इराक युद्ध, 2008 के आर्थिक संकट और 2020 के कोरोना महामारी संकट से कहीं ऊपर निकल चुका है। यह सूचकांक 143 अर्थव्यवस्थाओं का अध्ययन करने वाली इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट के तिमाही रिपोर्टों में अनिश्चितता के विभिन्न पहलुओं का अनुसरण करता है। इसमें सोशल मीडिया के शोर-गुल पर ध्यान नहीं दिया जाता और न ही उपभोक्ताओं की खपत के ढर्रे पर नजर रखी जाती है। इसमें जमीनी स्तर पर मौजूदा आर्थिक, राजनीतिक और वित्तीय जोखिमों को लेकर प्रोफेशनल्स की विश्लेषणात्मक रिपोर्टों का आकलन किया जाता है।फरवरी क...